बिना रुके कटेगा टोल! NHAI का बड़ा फैसला, अब हाईवे पर लागू होगा Multi-Lane Free Flow सिस्टम; छत्तीसगढ़ के इस टोल प्लाजा से भी होगी शुरुआत
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है। अब टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में खड़े रहने और बार-बार गाड़ी रोकने की परेशानी से राहत मिलने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भविष्य में बनने वाली सभी नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम अनिवार्य करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस आधुनिक व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहन बिना रुके टोल प्लाजा पार कर सकेंगे और टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा।
क्या है मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम?
मल्टी-लेन फ्री-फ्लो एक आधुनिक बैरियर-मुक्त टोल वसूली प्रणाली है। मौजूदा व्यवस्था में वाहन चालकों को FASTag के जरिए भुगतान करने के लिए भी टोल प्लाजा पर रुकना या गाड़ी की गति कम करनी पड़ती है। लेकिन MLFF तकनीक में पारंपरिक टोल बूथ और बैरियर की जरूरत नहीं होगी।
इसके स्थान पर हाईवे के ऊपर ओवरहेड गैन्ट्री लगाई जाएंगी। इन पर आधुनिक कैमरे, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह उपकरण लगाए जाएंगे। वाहन इनके नीचे से गुजरेंगे तो ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) और FASTag तकनीक की मदद से टोल टैक्स की पहचान और वसूली की प्रक्रिया पूरी होगी।
नए और पुराने हाईवे प्रोजेक्ट्स पर कैसे लागू होगा नियम?
NHAI की नई व्यवस्था के तहत भविष्य की सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को MLFF तकनीक के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
- नई परियोजनाएं: भविष्य में बनने वाले सभी नए हाईवे प्रोजेक्ट्स में MLFF सिस्टम शामिल करना अनिवार्य होगा।
- अधूरी परियोजनाएं: जिन परियोजनाओं का ठेका जारी हो चुका है, लेकिन टोल प्लाजा का निर्माण शुरू नहीं हुआ है, उन्हें भी नए मानकों के अनुसार बदलाव करना होगा।
- अधिकतम आठ लेन: नई व्यवस्था के तहत भविष्य के टोल प्लाजा अधिकतम आठ लेन तक सीमित रखने का प्रावधान बताया गया है।
वाहन चालकों को मिलेंगे ये बड़े फायदे
1. समय की होगी बचत
टोल बूथ और बैरियर हटने से वाहनों को लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे यात्रा का समय कम हो सकता है।
2. ईंधन की खपत में कमी
टोल प्लाजा पर बार-बार रुकने और गाड़ी चालू रखने की जरूरत कम होने से ईंधन की बचत होगी।
3. प्रदूषण में आएगी कमी
टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें और लगातार इंजन चालू रहने से होने वाला प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
4. टोल इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत घटेगी
बड़े टोल प्लाजा और भारी-भरकम बैरियर व्यवस्था की जरूरत कम होने से निर्माण और रखरखाव की लागत में बचत हो सकती है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-पथरापाली हाईवे पर भी होगी शुरुआत
मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम को लेकर छत्तीसगढ़ के लिए भी अहम जानकारी सामने आई है। बिलासपुर-पथरापाली हाईवे (NH-130) पर स्थित लिम्हा टोल प्लाजा से इस आधुनिक व्यवस्था की शुरुआत किए जाने की तैयारी है।
इसके अलावा दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के करीब 13 टोल प्लाजा को भी MLFF तकनीक के तहत बाधा-मुक्त बनाने की योजना बताई गई है।
हाईवे सफर में आने वाला है बड़ा बदलाव
MLFF टोलिंग सिस्टम लागू होने से देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा का अनुभव बदल सकता है। वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की परेशानी से राहत मिलेगी और हाईवे पर यातायात का प्रवाह बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, टोल भुगतान और नंबर प्लेट पहचान से जुड़ी तकनीकी व्यवस्था का सुचारु संचालन इस प्रणाली की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
